O Re Pita Lyrics - Shloka

O Re Pita Lyrics - Shloka: Presenting the lyrics of the song "O Re Pita" sung by Shloka. The music of this song is given by YOKI.

O Re Pita Lyrics - Shloka

पिता

ओ रे पिता मैं तोसे बना हूं, बांह पकड़ तोरे साथ बढ़ा हूं
चाह रही तोरे सब गम ले लूं, सारी खुशी तोरे चरण संजो दूं
ओरे पिता सब तोपे लुटा दूं |
आन मोरे तोरी शान बढ़ा दूं

ये गीत पेश उनको श्लोके की दुनिया जिनमें समाई
जिनकी वजह से अस्तित्व वो प्रेम श्लोक की कमाई
खुद हृदय काट के बिछा दिए मेरी हर इच्छाओं के पीछे
मेरी लेखनी की औकात नहीं की लिख दूं उनकी खुदाई
तेरी गोद में खुला मेरा प्रथम नयन
तेरी उंगली थाम चला प्रथम कदम
तुझसे ही सीखा हूं वर्ण पहला
तेरे हाथ से पकड़ा प्रथम कलम
एक हसरत थी किस्मत से सहमत हों सपनों से
तेरी भी इज्जत हो शौहरत हो परवत हो गर्वों के
पर इस्तेमाल करा अपनो ने
इंतकाल लगा सपनों के
इश्तेहार छपा कर्मों के
इंतजार लगे वर्षों से
इख्तियार करा कर्जों के
साथ मेरे तेरा काफी था हां
पास मेरे कोई साथी था ना
हाथ जोड़े नैनों में ग्लानि
आज पेश मेरा माफी ना मा
दूर हुआ तब हुआ एहसास की अपने कौन पराये थे
क्यूं भटके अपनों को खोजे जब बाप पीठ पे खड़ा है बे?

था जानता आपकी रज़ा
था कोशिश भी कर रहा
अब समझें थोड़ा आप भी
मेरा जीवन मेरी कला
हैं जो दायरे ना भाय रे काहे रे है ये दूरी
ये खाये रे हाय रे छाये रे कैसी मजबुरी
हुए सारे वारदात मेरे साथ
सपनों का कायनात बन गया अजाब
रोया जार जार मैं कितनी रात
कितने लहू जले तोरी बात काट
अनबन है थोड़ी जानता हूं
अभी ख़ाक राह में छानता हूं
कुछ भावनाएं आहत की तो
मैं गलती मेरी मानता हूं
थी गलती यही मैंने स्वप्न चुना ना बात के आप की लाज रखी
पर क्या सपनों को जन्म देके सपनों को ही मारना पाप नहीं
कंही ना रुका स्वप्न दोपहिया ना धीमा हुआ किसी घर्षण से
अब तो पिताजी थोड़ा मुस्कुराओ तोरा लाल आये दूरदर्शन पे
छवि आपकी है बस मुझमें श्लोक आपका दर्पण है
अब तो पिताजी थोड़ा मुस्कुराओ तोरा लाल आये दूरदर्शन पे I

I काशी घूमा काबा घूमा ना मिलिया जगतार I
II लाख ठोकरें खा के जाना तू ही है संसार II


O Re Pita Lyrics - Shloka

Shloka - O Re Pita Song Details

Song: O Re Pita
Singer: Shloka
Music: YOKI

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